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what is budget…दोस्तों जिस तरह से हम अपने घर को चलाने के लिए बजट की जरूरत होती है बिल्कुल ठीक वैसे ही देश को चलाने के लिए बजट की जरूरत पड़ती है। वैसे जब भी हम अपने घर का बजट बनाते हैं तो वह आमतौर पर महीने भर का होता है और इसका हिसाब हम 1 महीने के बाद लगाते हैं कि हमने 1 महीने में क्या खर्च किया है और क्या नहीं ठीक है इसी तरह से देश का बजट भी बनाया जाता है। लेकिन इसमें साल भर के कमाई के खर्च का लेखा-जोखा होता है।
दोस्तों बजट में सरकार तीन तरह के बजट को तैयार करते हैं।
जिसमें से पहला है का नाम है..
1.Budget Estimate
दूसरा बजट का नाम है..
2.Revised Estimate यानि की संशोधन अनुमान।
तीसरे बजट का नाम है..
3.Actual यानि की वास्तविक।
दोस्तों यदि हम पहले बजट की बात करें यानी Budget Estimate की?
दोस्तों इस बजट में सरकार चल रहे प्रजेंट टाइम पर पूरे साल के बारे में बजट के बारे में बताती है।
Revised Estimate इस बजट में सरकार पिछले साल के बजट के बारे में बताती है जो कि पिछले साल के बजट होता है। यह बजट बजट Budget Estimate से कम या ज्यादा भी हो सकता है इसके अंदर पूरे साल की कमाई और खर्च का अनुमान लगाया जाता है।
एक्चुअल बचत यह बजट पिछले 2 सालों का होता है 2022 के बजट में 2019 और 20 का बजट बताया जाएगा इसमें कहने का मतलब यह है कि 2019 और 20 में सरकार की कितनी कमाई और कितना खर्च हुआ के बारे में बताया जाएगा।
दोस्तों किसी भी बचत को बनाने में तथा बचत को बनाने से 5 महीने पहले ही इस काम को शुरू कर दिया जाता है आमतौर पर सितंबर के माह में आर्थिक बजट के लिए सभी मंत्रालय राज्य तथा शासित प्रदेशों को सर्कुलर जारी कर देती है। ओड़िया सभी सरकारी आने वाले समय का अनुमान लगाकर तथा पूरे साल का खर्च और कितना कमाया उन सभी चीजों का अनुमान लगाते हैं तथा जरूरी फंड को बताने के लिए कहा जाता है इसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वित्त मंत्रालय तथा अन्य दूसरे मंत्रालय के साथ मीटिंग करते हैं और यह तय करते हैं कि किस मंत्रालय को कितनी रकम दी जाए और यह सब मीटिंग में तय होने के बाद एक्टिव पैड भी तैयार किया जाता है और सब तय होने के बाद बचा डाक्यूमेंट्स की छपाई होती है।
इस बजट को बताने से पहले हारमोनिक्स सेरिमनी भी होती है और इस सेरिमनी में सभी मंत्रालय के भारी मंत्रियों को बैठाया जाता है और जब यह बजट पेश हो जाता है तभी सभी अधिकारियों को वित्त मंत्रालय से बाहर आने दिया जाता है इस बजट से 1 दिन पहले इकोनामिक सर्वे आता है और इस इकोनामिक सर्वे कौशल भाषा में डायरी भी कह सकते हैं और इस डायरी में हम अपने पूरे साल भर के खर्च का हिसाब किताब लगाते हैं। और इससे यह अंदाजा लगाते हैं कि हमें कैसे खर्च करना है और कैसे कमाना है तथा खर्च करना हैं तथा कैसे बचाना है।
तथा 1 फरवरी को बजट पेश होने से पहले इकोनॉमिक्स सर्वे पेश किया जाता है हालांकि 2022 में इस बार यह सर्वे 29 जनवरी को जाने दो दिन पहले ही पेश हो गया है तथा इकोनामिक सर्वे यानी कि आर्थिक सर्वे मैं पिछले साल का लेखा-जोखा तथा आने वाले साल के सुझावों के बारे में चुनौती और समाधान के बारे मे बात होती है।
दोस्तों इकोनॉमिक्स सर्वे मैं आर्थिक मामलों की में बजट सीए के द्वारा तैयार की जाती है तथा इस समय हमारे बजट कैसी है डॉ सुब्रमण्यम दोस्तों पहला सर्वे हमारा 1950 to 51 में पेश किया गया था और साथ ही बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होती है दोस्तों संसद में बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होती है राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही बजट को रखा जाता हूं और उसके बाद पूरे संसद में इसे पेश किया जाता है।
बजट पेश होने के बाद संसद के दोनों सदनों यानी कि लोकसभा और राज्यसभा को पास कराना होता है और इन दोनों सदनों के पास होने के बाद यहां 1 अप्रैल से लागू हो जाता हूं और हमारे देश में वित्तीय वर्ष यानी कि फाइनेंशियल ईयर 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है।
पहली बार 7 अप्रैल 1860 को भारत का पहला बजट पेश किया गया था वहीं स्वतंत्रता के बाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था अगर हम आजादी के बाद पहले बजट की बात करें तो कई मायनों में ऐतिहासिक रहा चुका है।
धन्यवाद…
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